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साधन धाम परिसर में आयोजित *श्री रामचरितमानस नवाह पारायण महायज्ञ* के 58वें संस्करण का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ

साधन धाम परिसर में आयोजित *श्री रामचरितमानस नवाह पारायण महायज्ञ* के 58वें संस्करण का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ

पटना। साधन धाम परिसर में आयोजित *श्री रामचरितमानस नवाह पारायण महायज्ञ* के 58वें संस्करण का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। यह महायज्ञ स्वर्गीय आचार्य राम नरेश शास्त्री जी की पावन स्मृति एवं प्रेरणा से आयोजित किया जाता है। वे शास्त्र के क्षेत्र में पटना के प्रख्यात विद्वान थे तथा आज से 58 वर्ष पूर्व इस दिव्य आयोजन की शुरुआत कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। यह महायज्ञ 04 अप्रैल से 12 अप्रैल तक कुल 9 दिनों तक आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कांत ओझा द्वारा सारगर्भित एवं प्रासंगिक मानस उद्धरणों के माध्यम से किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से ओतप्रोत कर दिया। महायज्ञ में आज मनीष अग्रवाल जी ने गहन श्रद्धा और समर्पण के साथ यजमान का दायित्व निभाया।
अयोध्या से पधारे व्यास श्री हरिप्रसाद दुबे जी के मार्गदर्शन में भूदेवों एवं श्रद्धालु भक्तों द्वारा गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों का विधिवत पाठ किया गया। इस क्रम में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर रामविजय शर्मा, सुभाष सोनी एवं दिनेश शर्मा ने पारंपरिक सोहर एवं बधैया प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस महायज्ञ के सफल आयोजन में पंकज शुक्ला, अभ्युदय आनंद, आयुष आनंद, पवन मिश्रा, अनंत अरोड़ा, सुरेश अरोड़ा एवं राजकुमार तिवारी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
सायंकालीन सत्र में प्रवचनकर्ता श्री बालकदास जी ने मानस की चौपाइयों, दोहों एवं श्लोकों के माध्यम से श्रीराम अवतार के उद्देश्यों को अत्यंत सरल एवं प्रभावशाली भाषा में उपस्थित श्रोताओं को समझाया। उनके प्रवचन ने श्रद्धालुओं के मन में धर्म, मर्यादा और भक्ति के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

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